जो तेरा है, वो कभी कही भी नहीं जाएगा; जो तेरा नहीं है, तु उसे कभी नहीं पाएगा; नेक नीयत रख अपनी तु सदा बन्दे; एक दिन खुदा भी चलकर तेरे पास आएगा। ************************* जुगनुओं की रोशनी से तीरगी हटती नहीं; आइने की सादगी से झूठ की पटती नहीं; ज़िंदगी में गम नहीं फिर ज़िंदगी में क्या मजा; सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िंदगी कटती नहीं।
खुशियां कम और अरमान बहुत है, जिसे भी देखो परेशान बहुत है। करीब से देखा तो निकला रेत का घर दूर से इसकी शान बहुत है। कहते हैं सच का कोई मुकाबला नहीं, मगर आज झूठ की पहचान बहुत है। मुश्किल से मिलता है शहर में आदमी, यू तो कहने को इंसान बहुत है।
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